Headlines

इंडियन आर्मी में लेफिटनेट कर्नल बने नीरज चोपड़ा।
नीरज चोपड़ा को कितनी सैलरी मिलेगी या इसके अलावा क्या सुविधा मिलेगी।
नीरज चोपड़ा ने केवल खेल में भारत का नाम रोशन किया बल्कि भारतीय सेना के साथ जुड़कर युवाओं के लिए मिसाल कायम की।

इंडियन आर्मी में लेफिटनेट कर्नल बने नीरज चोपड़ा

नीरज चोपड़ा को कितनी सैलरी मिलेगी या इसके अलावा क्या सुविधा मिलेगी।

नीरज चोपड़ा ने केवल खेल में भारत का नाम रोशन किया बल्कि भारतीय सेना के साथ जुड़कर युवाओं के लिए मिसाल कायम की।

नीरज को 2016 में भारतीय सेना ने नायब सूबेदार के रूप में भर्ती किया था या बाद में उनकी उपलब्धिओ के लिए सूबेदार से मेजर तक परमोशन मिला और अब उनको लेफिनेट कर्नल मिला। अब उन्हें प्रादेशिक सेना में कर्नल की मानक की उपाधि से सम्मानित किया गया है। इंडियन आर्मी में लेफिटनेट कर्नल बने नीरज चोपड़ा।

ओलिंपिक स्वर्ण पदक विजेता और भारत के गौरव नीरज चोपड़ा को भारतीय सेना में प्रादेशिक सेना में छोड़ दिया गया कर्नल की मानक उपाधि दी गई है।

जेविलें थ्रू के अंदर दुनिया के टॉप एथिलिस्ट में शामिल हैं, नीरज ने टोकियो ओलम्पिक 2021 में गोल्ड और पेरिस ओलम्पिक 2024 में सिल्वर मेडल जीत कर देश का नाम रोशन किया था, अब सेना में उनके योगदान को समानित करते हुए ये बड़ा समान दिया ही। इंडियन आर्मी में लेफिटनेट कर्नल बने नीरज चोपड़ा।

आइए जानें इस पोस्ट पर नीरज को क्या ट्रेनिंग लेनी होगी और उनकी सैलरी कितनी होगी और क्या सुविधा मिलेगी।

नीरज चोपड़ा ने केवल खेल जगत में नाम रोशन किया और बालकी सेना के साथ जुड़कर युवा लोगों के लिए एक मिसाल कायम की ही। उनको मनद लेफिटोनेट कर्नल की सलाह इस बात का सबूत है कि सेना अपने खिलाड़ियों को कितना सामान देती है और नीरज की कहानी लाखो युवाओं के लिए प्रेरणा है जो खेलती है या देश की सेवा में अपना करियर बनाना पसंद करती है।

नीरज चोपड़ा की एतिहासिक उपलब्धिया।

नीरज चोपड़ा ने टोकियो ओलम्पिक 2021 में जेविलेन थ्रो में 87.58 मीटर का थ्रो कर गोल्ड मेडल जीता था और वे भारत के पहले ट्रेक और फील्ड एथिलिट बने जिन्होन ओलम्पिक में वेक्टिगट गोल्ड मेडल हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि ने भारत का 100 साल का इंतजार खत्म कर दिया था और देश को पहला ओलंपिक गोल्ड दिलाया था। इसके बाद पेरिस ओलम्पिक 2024 में अनहोन 89.45 मीटल के थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीतने वाले 5वे इंडियन एथिलिट बने। नीरज को 2016 में भारतीय सेना में सूबेदार पद पर नियुक्ति दी गई थी, बाद में मैं उनकी उपलबियों को देखता हुआ उन्हें परमोशन मिला।

क्या नीरज कोपारा को प्रादेशिक सेना में ट्रेनिंग लेनी होगी?

नीरज चोपड़ा को टेरिटोरियल आर्मी में लेफिटनेट कर्नल की मनद उपलब्धि दी गई इसका मतलब यह है कि ये एक मनद सामांजनक रैंक है जो उनको उनके खेल की वजह से दी गई है एच आमतोर पर टेरिटोरियल आर्मी ऑफिसर को इसकी ट्रेनिंग लेनी होती है जब की मनद रैंक वाले व्यक्ति और खास कर मशहूर खिलाड़ी जैसे नीरज चोपड़ा और महेंद्र सिंह धोनी इनके लिए ट्रेनिंग नहीं होती।

नीरज चोपड़ा पहले से ही 2016 में भारतीय सेना में नायब सूबेदार के रूप में भर्ती हो चुके थे या साथ में आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट (एएसआई) पुणे में प्रशिक्षण ले चुके थे और ये प्रशिक्षण खेल से संबधित होती थी, लेकिन सैनिक प्रशिक्षण की जरूरत नहीं होती थी।

प्रादेशिक सेना क्या होती है?

प्रादेशिक सेना (टीए) ये है एक भारतीय सेना सेवचिक अंसकलिन अंशकालिक संगठन एच जो एक नागरिक को सेना में सेवा करने का मौका देता है एच जो पहले से ही किसी नौकरी या खेल में हो इसे नागरिको की सेना (नागरिक सेना) भी कहा जाता है

Headlinehub